Wednesday, 23 September 2015

नेत्रहीन पढ़ सकेंगे मेरी किताब


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आगरा .सूर -कुटी में कल रोटरी क्लब ने दिया मुझे 'गेस्ट ऑफ़ ऑनर ' :)
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मेरी क़िताब ' योग: कर्मसु कौशलम "
ब्रेल में लिखी जाने वाली योग पर पहली क़िताब है , जिसे 5 से 25 वर्ष तक के नेत्रहीन बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया है !
___________ डॉ. प्रतिभा स्वाति