Saturday, 21 May 2016

5 वर्ण पिरामिड

           वर्ण   पिरामिड  को हाइकू जैसा कहा जाए तो हाइकू के साथ  बड़ा अन्याय होगा . इसकी तमाम  वजहें हैं जिनपर  विचार  किया जाना ज़ुरूरी है . जैसे सित्तौलिया में बच्चे  सात पत्थर जमाते हैं ,लगभग कुछ उसी तरह ...... यहाँ वर्ण की जमावट 7 लाइन में होती है .खेल के लिहाज़ से ये अच्छा है :)
__________________________ 1
 न 
देखे 
कहीं भी 
दिशाहीन 
यश का लोभ
भ्रम में पड़ा है !
अधर में खड़ा है !
_______________________2
हाँ 
दवा 
कड़वी 
सच जैसी 
पर जरूरी 
व्याधि से न डर
करे दवा असर 
____________________ 3

 क्यूँ  
वक्त 
करता 
नष्ट यूँ ही 
लेकर तुला 
तौलकर  कह !
न आवेश में बह !
_____________________ 4
है 
यश 
पिपासा
मिले थोड़ा 
भरे कटोरा
निरा अभिमानी !
इनसान अज्ञानी !
____________________

__________________ डॉ . प्रतिभा स्वाति
_____________________________5.