Saturday, 16 January 2016

मन अनाथ है ....




 घर को , समाज - संसार को ,
सचमुच कुछ ,  सुधार चाहिए !
मन हुआ अनाथ बच्चे जैसा ,
कुछ  रिश्ते  उधार चाहिए !
______________________ डॉ. प्रतिभा स्वाति


Tuesday, 12 January 2016

हकीकत ,भ्रम है ...

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पंछी या फूल !
मन के अनुकूल !
दुःख को भूल !
ये जीवन क्रम है !
हकीकत ,भ्रम है !
------------------------- तंका : डॉ.प्रतिभा स्वाति
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Tuesday, 5 January 2016

वही याद आते हैं

बहा काजल, 
कुछ यादें हैं तेरी,
रातें अँधेरी!

उजाले भुलाते हैं ?
नहीं आते हैं !

दिन में स्वप्न कोई !

मनभावन !

कुछ रिश्ते सुहाने ,
मुझे बुलाने,
चले रोज़ आते हैं !

पर प्रीत के दीप,
नैन या सीप !
क्यूँ मोती बहाते हैं
वोही याद आते हैं !

------------------------------- इतनी रात को , इतने दिन बाद ,मन मचल रहा था लिखने के लिए या धिक्कार रहा था, न लिखने के लिए ! सोचा हाइकू लिखकर ख़ुद को फ़ुसला दूँ , फ़िर चोका लिखने का मन हुआ , पर अब मैं तैयार नहीं अक्षर और लाइंस गिनने के लिए :) मैं आई थी ईट जमाने , फ़िर दीवार चुनने बैठ गई , अब ये ख्वाहिश तो बेमानी होगी की मै मीनार बनाकर ही जाऊं :)   





Friday, 6 November 2015

भद्रासन




   योग में ध्यानात्मक आसनों की अहमियत ,अपेक्षाकृत अधिक है ---- पद्मासन को उच्च तथा वज्रासन , भद्रासन को मध्यम , स्वस्तिक आसन या अन्य सुखासनों को निम्न स्थान दिया गया है :)