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खिलता है यूँ नागफनी...
वो मौसम है .... मेरे दिल का टुकड़ा ही , मुझको छलता है ! जैसे कोई मौसम है , जो रोज़ बदलता है ! इक गुनाह माफ़ करती हूँ , आ...
मेरी 7 कविताएँ u tube पर
- my vdo (19)
Saturday, 16 January 2016
Tuesday, 12 January 2016
Tuesday, 5 January 2016
वही याद आते हैं
बहा काजल,
कुछ यादें हैं तेरी,
रातें अँधेरी!
उजाले भुलाते हैं ?
नहीं आते हैं !
दिन में स्वप्न कोई !
मनभावन !
कुछ रिश्ते सुहाने ,
मुझे बुलाने,
चले रोज़ आते हैं !
पर प्रीत के दीप,
नैन या सीप !
क्यूँ मोती बहाते हैं
वोही याद आते हैं !
------------------------------- इतनी रात को , इतने दिन बाद ,मन मचल रहा था लिखने के लिए या धिक्कार रहा था, न लिखने के लिए ! सोचा हाइकू लिखकर ख़ुद को फ़ुसला दूँ , फ़िर चोका लिखने का मन हुआ , पर अब मैं तैयार नहीं अक्षर और लाइंस गिनने के लिए :) मैं आई थी ईट जमाने , फ़िर दीवार चुनने बैठ गई , अब ये ख्वाहिश तो बेमानी होगी की मै मीनार बनाकर ही जाऊं :)
कुछ यादें हैं तेरी,
रातें अँधेरी!
उजाले भुलाते हैं ?
नहीं आते हैं !
दिन में स्वप्न कोई !
मनभावन !
कुछ रिश्ते सुहाने ,
मुझे बुलाने,
चले रोज़ आते हैं !
पर प्रीत के दीप,
नैन या सीप !
क्यूँ मोती बहाते हैं
वोही याद आते हैं !
------------------------------- इतनी रात को , इतने दिन बाद ,मन मचल रहा था लिखने के लिए या धिक्कार रहा था, न लिखने के लिए ! सोचा हाइकू लिखकर ख़ुद को फ़ुसला दूँ , फ़िर चोका लिखने का मन हुआ , पर अब मैं तैयार नहीं अक्षर और लाइंस गिनने के लिए :) मैं आई थी ईट जमाने , फ़िर दीवार चुनने बैठ गई , अब ये ख्वाहिश तो बेमानी होगी की मै मीनार बनाकर ही जाऊं :)
Friday, 6 November 2015
Monday, 12 October 2015
Sunday, 11 October 2015
Wednesday, 7 October 2015
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