Sunday, 1 December 2013

तांका / सेदोका

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खूबसूरत
कुछ न संसार में
भ्रम के फेरे !
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बदसूरत
कुछ न संसार में
माया जो घेरे
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     जब  1 विषय या 1 भाव को लेकर  2 हाइकू   बनते हो , तब  'टंका ' ( ताँका ) की रचना  की  जानी चाहिए ! या  ' सेदोका ' भी इसी  तरह 2 पद  में रचे  जाते  हैं !
पर  दोनों  बार  अंतिम  पंक्ति   में  7  अक्षर    रखे जाने 
का  विधान  है !
-----------------------------  डॉ . प्रतिभा  स्वाति
%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%    ये  'तांका  ' है ! 5 लाइंस होती हैं !
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किसी  भी  हाइकू  को कभी  भी उसी  रूप  में रखते  हुए 'तांका की  रचना  की  जा  सकती  है  , परन्तु सेदोका का प्रयत्न  उस हाइकू  पर  नही  करना  चाहिए ! लेकिन , उसमे 'चोका ' की  संभावना  छुपी  है ! इस  महत्वपूर्ण  तथ्य को स्मरण   रखा  जाए तो उस  दिशा  में  विचार - प्रवाह बाधित  नहीं  होता ! 
--------------------------  डॉ. प्रतिभा  स्वाति
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