Tuesday, 20 September 2016

आतंकवादी ? कायर कहीं के .....

__________ एक  मौकापरस्त , विक्षिप्त , कायर और कंगाल समूह जो ठग ,चोर -डाकू और भिखारियों से भी बदतर  है , वो है  ' आतंकवादी ' विश्व  के माथे पर मात्र एक कलंक ! हिंसक और धोखेबाज़ !

__________ असामाजिक  अपारिवारिक ,लक्ष्यहीन ,दिशाहीन ,अपराधी ,देशद्रोही !

_________ जो भी हो मुझे आतंकवादियों  को परिभाषित  करने  की कोई  ज़ुरूरत  महसूस  नहीं  होती ! हाँ ये" इन्सान  की  वो  औलाद  हैं , जो इन्सान प्रतीत  नही होती " ----------------- जानवरों से भी इनकी  तुलना नहीं  की  जा  सकती !

________ इनकी उत्पत्ति असंतोष , वैमनस्य और मूर्खता  के मिले- जुले तत्वों से हुई . ये यत्र - तत्र -सर्वत्र बड़े  छुपे  तौर पर हमारे बीच  ही पाया  जाने  वाला  उन्मादी नरपशु  हैं , जिसे  हम सामने  होने पर  भी पहचान  नहीं  पाते .

__________ इन्सान  की शक्ल में पाए जाने वाले ये दरिन्दे बेहद शातिर ,चालक और नकारात्मक  बुद्धिमत्ता  के मालिक होते हैं . इनके आकाओं ने इन्हें भ्रमित  किया होता है .ना सिर्फ़ देश अपितु विश्व ,समूची  मानव जाति  के लिए ये आतंकी  कीड़ा  बड़ा घातक है . इससे  निज़ात के लिए तुरंत  कोई  कारगर उपाय ज़ुरूरी  है , हर हाल में ,हर  कीमत पर विश्व को इससे मुक्त  कराना  होगा !






मेरा ख्याल है आज रात तक मै अपनी पूरी बात कह पाऊँगी / गिव मी अ ब्रेक ........प्लीज़
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मोदी जी पाकिस्तान से तो उरी हमले का बदला लीजिये ही, पर पहले 2 गोली उस हाईकोर्ट के जज को मार दो जिसने सेना के पैलेट गन इस्तेमाल करने पर रोक लगाई है , फिर 2 गोली चैनल वालों को मार दो जो आतंकवादियों को मासूम नौजवान कहते है, 2 गोलियां नेताओं को मार दो जो आतंकवादियों के लिए मानवाधिकार की बात करते है , 2 गोलियाँ उस फिल्म निर्माता को मार दो जो हैदर जैसी आतंकवाद समर्थित फिल्मे बनाता है, और अंत मे 2 गोलियां वकीलों को मार दो जो आतंकीयो के लिए निशुल्क केस लड़ते है। इन लोगो को मारे बगैर सीमा पर जवान भेजना व्यर्थ है।
वन्दे मातरम्।।

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देश पर हमला हो गया लोग नाम बदल कर ऐकांतवास में पडे रहना चाहते हैं। यह नाम बदलने का जुगाड़ भी बडिया है । ऐसा करो नक्सलीयों और आतंकवादियों का नाम बदल कर पाकिस्तानी फोज रख दो और जब भी कोई आतंकी नक्सली मारा जाए खबर बनवा लो कि हमने पाकिस्तानी सैनिक मार दिए । मुस्लिम इलाकों को तुम पहले से पाकिस्तान कहते हो । अब वहां कत्लेआम करने पर उसे पाकिस्तान पर फतह कहकर खबर छपवाओ।और हां ये जो हिंदू नाम के जासूसी में पकडे जाते है कुछ पैसों के लालच मे इनका भी नाम बदल दो। यह नाम बदलने से सब समस्या हल हो जाएगी । विकास के नाम पर आकड़ों मे हेराफेरी बहुत कर चुके अब मंदी का नाम विकास कर दो । अपने हिजडेपन का नाम बहादुरी । वैसे भी यह कोई मुश्किल नहीं आपके लिए आपने तो भुगोल इतिहास तक बदल डाला है । और हां जानवर का नाम बदल कर इंसान कर दो ताकी आने वाले लोग आपको इंसान समझ सकें।
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Mahesh Rousha Osho
15 mins
ं  अपने देश हिंदूस्तान में ही ......उन्हें हिंदू आतंकवादी और हिंदू जेहादी कहा गया था और इसका नतीजा ये हुआ ये था की ऐसा कहने के कारण बाला साहब ठाकरे से वोट देने का अधिकार छीन लिया गया था और कई वर्षों तक उनके वोट डालने पे बैन लग गया था
जिस देश में अपने देशभक्त लोगों पे कार्यवाही की जाती हो दुश्मन देश के लिए उस देश के लोग आज किस मूंह से पाकिस्तान को जवाब देने की बात करते हैं ????
अपने घर के अंदर मौजूद साँपों का फन तो कुचला नहीं जाता बाहरवालों का क्या ख़ाक कुचलेंग
हमारे देश के प्रत्येक नेता ने कुर्सी पर बैठकर जनता के साथ औऱ देश के साथ सिर्फ गद्दारी की है बस

आतँकवाद का कभी कोई धर्म नहीं होता है.... मजहब 100% होता है... धर्म व मजहब दोनों की परिभाषा ही अलग-अलग होती है !!!!
1- जैश ए मोहम्मद --- मुहम्मद साहब का दल,
2- लश्कर ए तोइबा -- फरिश्तो की सेना
3- हिज़्ब उल मुजाहिदीन -- इस्लामी बलिदानियो का समूह
4- अल कायदा -- अल्लाह के नियमो का पालक ..
फिर भी कहते हैँ आतँकवाद से इस्लाम का कोई लेना देना नहीँ?
DrPratibha Sowaty
     हमारा निशाना pm नहीं ----------- आतंकवादी होना चाहिए


100 सवाल ........17 पर...

               सच पूछिए तो जो हुआ __________ उसकी कड़ी  निंदा होनी  चाहिए , होनी ही चाहिए ......और हो भी रही है ! जनता का रक्त खौलना चाहिए , देश का मुद्दा है ______ खून के उस खौलने में रंच -मात्र कमी नहीं रही ! रही  बात प्रतिशोध  की तो यहाँ पर घटना में ज़रा -सा झोल है !!!

                 अब  यदि विश्व -स्तर पर कोई विवशता है ,तो  जनता  बिचारी  क्या  करे ? ये काम तो बिसात पर  बिराजे  वज़ीरे-आला  ही को करना  होगा . उन्हें ये  सिखाने  के लिए   चाणक्य  या हिटलर ,गांधीजी या ईसामसीह या बुद्ध - महावीर तो आएँगे  नहीं !

                 लेकिन जब बड़े- बड़े बोल बोले गए थे हिलाके हाथ ,तब ज़रा -सा सोच लेते . जनता बिचारी सच्ची मान गई . जनता  बेचारी  ही होती है . भोली . बालक समान , पल में तोला -पल में माशा . अरे भाई जब 17 की शहादत सुनी तो __________ क्या उम्मीद करते हैं ? जनता पूछेगी वो कौन थे ? उनके नाम क्या थे ? वे कैसे दुश्मन की चपेट में आ गए ? अब बाकी को तो कोई खतरा नहीं ? अरे भैय्या उनसे कहो ज़रा सावधानी से रहें सीमा पे , दुश्मन बड़ा नीच है ह्म्म्म्म ? जनता यानी प्रजा वो तो सन्तान जैसी है _________ कुत्ता काटेगा तो बच्चा बोलेगा " पापा  मारो साले को " अब ये तो पापा तय करेंगे पहले डॉक्टर  को बुलाएं , ड्रेसिंग करे या बच्चे को ले जाएँ ! कुत्ते को तो बाद ही में देखा जाएगा .  काटा तो क्यूँ काटा ? कटखना है ? पालतू है ? पागल है ? कहीं बच्चे ने दुम पे पाँव तो नहीं रख दिया ? 

             पर इस 17 वाली घटना में पापा जानते हैं , कुत्ता पागल  है . फ़िर सवाल ये है की बच्चे   सावधान  क्यूँ  नहीं थे ? आख़िर   इतना  बड़ा रिस्क ? या  फ़िर उस वक्त कोई लापरवाही हुई ....जिससे कुत्तों  को मौका मिल गया . बात  यूँ है  की हम इन पागल  कुत्तों का कुछ बिगाड़ नहीं सकते , वो पड़ोसी  के हैं और पड़ोसी से हमारी कट्टर दुश्मनी  है ________ ये बात सब  बच्चे जानते  हैं ....... फ़िर भी . अभी  पापा पड़ोसी को निपटाने  की जुगत में है की पास- पड़ोसी , नाते रिश्तेदार सब चले आए नसीहतें देने ...... अब .....?

                        मामला बाबा दादा के जमाने से चला आ रहा है __________ अदालत में निपटारा हो सकता है !पर यहाँ तो वकील पर ही गाड़ी अटकी पड़ी है . अरे भई  पड़ोसी को अदालत में निपटा लीजो ........... कुत्तों को तो मारो ! के उसके लिए भी शाही फरमान चाहिए ! इत्ती -सी बात  बच्चा  समझता  है ............  'तन्ने  समझ नि आवे ?' hmmmm ?

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यदि  यद्ध हुआ तो ?  ये कोई बच्चों का खेल नहीं !
अगली नस्लें भी खामियाज़ा भुगतेंगी ______ भोली जनता !
____________ अब इस मर्ज़ के इलाज़ के लिए हिटलर + चाणक्य के मेल से इज़ाद एक चुपचाप बम की ज़ुरूरत है की _____ सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे !
_______अगर कुछ  फ़ौजी vdo और pm के पिछले हवाबाजी  वाले  भाषणों के  हवाले  से जनता ये मान  बैठी  है की हल्ला बोल की तर्ज़ पर हमला हो , तो ये तो शुरुआत होगी ! फ़िर होगा युद्ध ! और ये  कतई  ज़ुरूरी  नहीं की ये सिर्फ़ भारत - पाक के बीच हो , समर्थन कर्ता और सहयोगी दूसरे देश भी कूद सकते हैं साथ में . हो सकता है ये विश्व -युद्ध में परिणित हो जाए , तब ? कौन ज़िम्मेदार होगा ,परिणाम के लिए ? 
                   नहीं मालूम तो मालूम कीजिये ! पिछले युद्धों के हवाले काफ़ी नहीं ? हद है मूर्खता  की ! क्रोध - रोष जायज है पर विवेक ताक पर रखकर ? बचपन में स्कूल  नहीं गए ? भूल गए नागासाकी और हिरोशिमा का हश्र ? महाभारत तो देखी  ही होगी ? क्या  बचा था अंत में ? अशोक को क्या मिला था विजय के बाद ? सिर्फ़ राम -रावण युद्ध में  जन-संहार कम हुआ होगा , ऐसा सोच सकते हैं , दोनों पक्ष समझदार थे , और लंका के विरोध में अयोध्या  नहीं वानरसेना थी ! है हमारे पास ?
______________देखिये मैं कोई कायराना 'मोड' पर नहीं हूँ . न ही देश के मनीषियों को विवाद के लिए आमंत्रित  कर रही हूँ . सीधी सी बात ,सीधे से तरीके से सीधी-सादी जनता को समझाना  चाह  रही  हूँ ! जो जन आज 17 की मृत्यु पर आपा  खो रहे हैं ------- उनको अंदाज़ होना चाहिए कि जिस युद्ध को वो बदला या हल मान रहे हैं उसमे सैकड़ों  लाशें  बिछ  जाएंगी . जिस ज़रा -सी महंगाई के बढ़ने पर वो कोहराम बरपा  देते  हैं वो सुरसा जैसे कई गुना बड़ा मुंह करके सामने आएगी ! 

___________ हवाई हमले भी होंगे ! बोलो हो सब मरने के लिए तैयार ? बोलो ?

 ______________________ डॉ. प्रतिभा स्वाति


Monday, 19 September 2016

17 शहीद ..... किस बात का इंतजार है , सरकार को ?

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 नमन ..... श्रद्धांजलि .....
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 मां  मत भेज 
सरहद पे लाल 
सत्ता की चाल 
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___________ लाचार  जनता फ़ेसबुक पर भड़ास निकाल रही है ! ट्विटर  पर  टोंच रही है  सरकार को ...............मगर सब -कुछ उसी तर्ज़ पर बदस्तूर जारी है .फ़िर समापन  भी वही होगा ....फ़िर ... आख़िर कितनी पुनरावृत्तियों  की आहुति और शहादत के बाद  ये  संविधानिक शांति यज्ञ  सम्पूर्ण  होगा ?
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नहीं चाहिए देश को.............. 56 इंची  ढाल !
वो माताएं क्या करें... जिनके छिन गए लाल !
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______________ डॉ. प्रतिभा स्वाति



Saturday, 17 September 2016

किन्नर ......


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जन्म पे  रुदन , पहली बार हुआ होगा  !
प्रस्तावना के साथ उपसंहार हुआ होगा !
-------------------------------------------------- डॉ. प्रतिभा स्वाति


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 हाइकु : किन्नर
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      1
 है अफ़सोस  
 पिता -बहन-भाई 
 माता बेहोश 
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      2
विधि ने रचे 
नर -नारी - किन्नर 
उर - ईश्वर
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      3
किसका दोष 
 सारे परिवार में 
इतना रोष 
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      4
मां निरुपाय 
जनम  दिया हाय ! 
मिला ना न्याय 
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       5
एक जनम 
हर कोई ले देखे 
नेक जनम 
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      6
हैं शूरवीर 
आजीवन संघर्ष 
फ़िर भी हर्ष 
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        7
न कोई भेद 
हृदय में ईश्वर 
ज़रा सा खेद
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        8
वो जब आएं 
दामन  में दुआएं 
देकर जाएँ 
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         9
गोद  में लाल 
वो चूम गए भाल 
सब निहाल 

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          10
मनभावन 
नृत्य  करें अंगना 
मांगें कंगना 
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         11
विधि  ने रचा 
सारा संसार घर 
जियो किन्नर 

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____________________________ डॉ. प्रतिभा स्वाति


Thursday, 28 July 2016

ना हरिण का दोष है .....

 ना  हरिण  का  दोष  है  ,
ना  जज  साहिब  का  दोष !
कलयुग  का सब खेल है ,
कइसे  रहिता  होश  !

कइसे रहता  होश,भैय्या 
सब  पइसन   की  माया !
माया   ही  भगवान  है ,
बाकी   सब  बिसराया  !

_________________डॉ.प्रतिभा स्वाति     



Monday, 20 June 2016

बुलेट ट्रेन .....









 बुलेट ट्रेन _ (ndtv india )
_____________:मुंबई-अहमदाबाद के बाद दूसरी बुलेट ट्रेन दिल्ली-वाराणसी के बीच चल सकती है। यदि ऐसा हुआ तो दोनों शहरों के बीच 782 किमी की दूरी सिर्फ 2 घंटे 40 मिनट में तय हो जाएगी।
___________वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के वर्तमान किराए का डेढ़ गुना प्रस्तावित किया है।  अभी मुंबई और अहमदाबाद के बीच दुरंतो एक्सप्रेस में प्रथम श्रेणी एसी का किराया 2,200 रुपये है। इसका मतलब यह हुआ कि बुलेट ट्रेन का किराया 3,300 रुपये होगा। दोनों शहरों के बीच की दूरी 508 किलोमीटर है।
 ____________ परियोजना पर कुल 97,636 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
 _____________सरकार ने जापान से 0.1 फीसदी ब्याज दर पर एक लाख करोड़ रुपये का ऋण लिया .
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'डेडिकेटेड हाई स्पीड रेलवे (एचएसआर) नेटवर्क इन इंडिया (इशूज इन डेवलपमेंट) शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा कि रेलवे को कर्ज और ब्याज समय पर चुकाने के लिए परिचालन शुरू होने के 15 वर्ष बाद तक 300 किलोमीटर की यात्रा के लिए टिकट का मूल्य 1500 रुपया निर्धारित करना होगा और प्रतिदिन 88,000-1,18,000 यात्रियों को ढोना होगा।
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जापान ने परियोजना लागत के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से के रूप में 97,636 करोड़ रुपये के रियायती ऋण की पेशकश की है। जापान के प्रस्ताव के अनुसार ऋण को 50 वर्ष के भीतर चुकाना होगा और परिचालन शुरू होने के 16वें वर्ष से 0.1 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। रिपोर्ट के लेखकों के अनुसार शेष 20 प्रतिशत ऋण के लिए आठ प्रतिशत की औसत ब्याज दर होगी। उनके अनुसार जापान ने 15 वर्ष का ऋण अवकाश दिया है, इसलिए रेलवे के लिए राजस्व की चिंता 16वें वर्ष से शुरू होगी। यह ट्रेन कुल 534 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
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 ___________        तो भई बात यूँ है कि जिस मामले में आप कुछ न कर
 सकते हों वहां पर चुप रहा जाना चाहिए . ऐसा हमारे
 बुजुर्गों  ने कहा है . पर बुज़ुर्ग तो ये भी कह गए कि.....उधार ....___
उधार लेकर घी नहीं पीना  ! और फ़िर कौन किसकी

सुनता है संसद में विवाद और चौराहे पर होने वाली बकैती

 कोई नहीं रोक सकता ? खैर बच्चों को बड़ा इंतज़ार होगा

 इस ट्रेन का :) और हमारे मंत्री -संत्री भी बहती गंगा में हाथ

 धो ही लेंगे , गंगा जी क्या मना करेंगी ! पर उधारी के नाम

 जिनका खून सूख रहा है वो है बिचारी आम जनता

 , जिसने जनरल डब्बे में जिल्लत झेलनी है . काश इन

 डब्बों के उद्धार के बारे में कोई सतरंगी घोषणा हो जाए

 ......काश ..... 

________________ डॉ . प्रतिभा स्वाति